Toxic Box Office: ₹100 करोड़ के ओपनिंग डे के बाद क्यों धड़ाम हुई यश की फिल्म? पूरी कहानी नंबरों की जुबानी

 Toxic Box Office: ₹100 करोड़ के ओपनिंग डे के बाद क्यों धड़ाम हुई यश की फिल्म? पूरी कहानी नंबरों की जुबानी

यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म "Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups" जब 26 अगस्त 2026 को रिलीज़ हुई, तो पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया। लेकिन जो शुरुआत शानदार थी, वो अगले चार दिनों में लगातार कमज़ोर होती चली गई। आखिर हुआ क्या? आइए दिन-दर-दिन समझते हैं।


Toxic box office collection
OPENING DAY: ₹100 करोड़ का धमाका

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह गैंगस्टर ड्रामा रिलीज़ के पहले ही दिन ₹100 करोड़ से ज़्यादा का ग्रॉस कलेक्शन जुटाने में कामयाब रही। यह यश की स्टार पावर और फिल्म को लेकर बना हाइप, दोनों का नतीजा था। लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों ने शुरू से ही इशारा कर दिया था कि असली परीक्षा दूसरे दिन से शुरू होगी — और वही हुआ।

दिन-दर-दिन गिरावट, कहां रुकी रफ्तार

पहले दिन के बाद से फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट दर्ज हुई। बुधवार को मिली शानदार शुरुआत के मुकाबले गुरुवार को कलेक्शन काफी नीचे आ गया, और यह सिलसिला शुक्रवार, शनिवार होते हुए रविवार तक जारी रहा। हफ्ते के आखिरी दिन तक फिल्म अपने पहले दिन की कमाई के महज पांचवें हिस्से पर सिमट गई थी।

पांच दिनों में भारत में फिल्म ने लगभग ₹214 करोड़ नेट और ₹255-256 करोड़ ग्रॉस का कलेक्शन किया, जबकि दुनियाभर से मिलाकर वर्ल्डवाइड ग्रॉस लगभग ₹285 करोड़ तक पहुंचा।

हिंदी बेल्ट ने संभाला मोर्चा, कर्नाटक में उम्मीद से कम रिस्पॉन्स

दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म की सबसे ज़्यादा कमाई हिंदी पट्टी से आई। वहीं यश के गृह राज्य कर्नाटक में फिल्म ने रिकॉर्ड ओपनिंग तो दर्ज की, लेकिन उसके बाद कलेक्शन में तेज़ गिरावट देखने को मिली। साउथ के बाकी राज्यों में भी शुरुआती उत्साह अगले दिन ही ठंडा पड़ गया और फिर रफ्तार वापस नहीं पकड़ सकी। पांचवें दिन तक कन्नड़ वर्जन की ओवरऑल ऑक्युपेंसी करीब 52% रही, जबकि हिंदी वर्जन की ऑक्युपेंसी लगभग 30% के आसपास रही । 

समीक्षकों की मिली-जुली राय, लेकिन इंडस्ट्री का साथ

फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की राय बंटी हुई रही, जिसका सीधा असर बॉक्स ऑफिस पर पड़ा। हालांकि इस बीच कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम यश के साथ खड़े नज़र आए। फिल्ममेकर अनूप भंडारी ने अपने बयान में फिल्म की क्राफ्ट और मेकर्स की जोखिम उठाने की हिम्मत की तारीफ की, भले ही उन्होंने माना कि कमर्शियल और आर्टिस्टिक टोन के बीच तालमेल बिठाने में फिल्म कहीं-कहीं लड़खड़ाई है। इससे पहले ऋषभ शेट्टी, किच्चा सुदीप और उपेंद्र जैसे कलाकार भी यश और उनकी टीम के समर्थन में सामने आ चुके थे।

आगे क्या? क्या रिकवर हो पाएगा भारी बजट?

Toxic का बजट अनुमानित तौर पर ₹500 से ₹1000 करोड़ के बीच बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शुमार करता है। इतने बड़े बजट को देखते हुए ओपनिंग वीकेंड के बाद कलेक्शन में आई तेज़ गिरावट फिल्म के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ट्रेड जानकारों का मानना है कि फिल्म की व्यावसायिक स्थिति सिर्फ थिएट्रिकल आंकड़ों से नहीं, बल्कि नॉन-थिएट्रिकल रेवेन्यू यानी सैटेलाइट और डिजिटल राइट्स से होने वाली कमाई से भी तय होगी, जो फिलहाल उम्मीद से कमज़ोर बताई जा रही है।

अब देखना यह है कि क्या Toxic वीकेंड के बाद कुछ रिकवरी दिखा पाती है, या फिर यह आंकड़े ही इसकी अंतिम कहानी बनकर रह जाते हैं।






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